पश्चिम बंगाल सरकार ने यूसीसी मसौदे के अध्ययन के लिए नौ सदस्यीय समिति की अधिसूचित
नगर निगम का मानना है कि इस व्यवस्था से नागरिकों की समस्याओं का तेजी से और प्रभावी समाधान संभव हो सकेगा और प्रशासनिक जवाबदेही भी बढ़ेगी
कोलकाता। कोलकाता नगर निगम के टॉक-टू-मेयर कार्यक्रम में अब निगम के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। इस संबंध में नगर आयुक्त के कार्यालय से हाल ही में एक सर्कुलर जारी किया गया है। सर्कुलर में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि कार्यक्रम के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि नागरिकों की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा सके। गौरतलब है कि हर सप्ताह शुक्रवार को मेयर फिरहाद हकीम शहर के नागरिकों से टेलीफोन के माध्यम से सीधे संवाद करते हैं। इस दौरान नागरिक पेयजल, सड़क, नालियों की सफाई, अवैध निर्माण, कचरा हटाने, स्ट्रीट लाइट सहित विभिन्न समस्याओं की शिकायत करते हैं। कोलकाता के सभी 144 वार्डों के लोग इस कार्यक्रम के जरिए अपनी बात मेयर तक पहुंचाते हैं।
सूत्रों के अनुसार, कई बार ऐसा देखा गया कि मेयर जब समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभाग के डायरेक्टर जनरल या कंट्रोलिंग ऑफिसर को निर्देश देना चाहते हैं, तो वे मौके पर उपलब्ध नहीं रहते। इसी कारण से टॉक-टू-मेयर कार्यक्रम के दौरान निगम अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। सर्कुलर के अनुसार, कार्यक्रम के दिन नगर निगम के शीर्ष अधिकारी अवकाश नहीं ले सकेंगे। हालांकि, अधिकारियों के एक वर्ग ने सवाल उठाया है कि यदि किसी आपात स्थिति में अवकाश की आवश्यकता पड़े तो क्या व्यवस्था होगी। इस पर सूत्रों का कहना है कि ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी को सीधे नगर आयुक्त को सूचित करना होगा और अवकाश के कारणों से जुड़े प्रामाणिक दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। नगर निगम के डिजी पद के अधिकारी और कंट्रोलिंग ऑफिसर को टॉक-टू-मेयर कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है। वहीं, अन्य विभागीय कार्यों में व्यस्त अधिकारियों को गूगल मीट के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होने का निर्देश दिया गया है। नगर निगम का मानना है कि इस व्यवस्था से नागरिकों की समस्याओं का तेजी से और प्रभावी समाधान संभव हो सकेगा और प्रशासनिक जवाबदेही भी बढ़ेगी।